Monday, 8 October 2012

'स्कूल' की गाड़ी में...

'स्कूल' की गाड़ी में बैठ जाना हैं
अब घर की ख़ुशी को पाना हैं
इस लियें चेहरें सब खिल उठतें,
चलो अब माँसे प्यार जताना हैं
चलो अब छुट गया आज 'स्कूल',
बातें प्यार से माँ को बताना हैं 
'स्कूल' की गाड़ी में बैठ जाना हैं

Sunday, 7 October 2012

मंजिल की एक तलाश


अब मंजिल की एक तलाश लिए
चलते हैं अपने काम की आस लिए
चलते हैं चार लोग दो पहियाँ लिए,
जीवन के संघर्ष का अहसास लिए
अब मंजिल की एक तलाश लिए  

Monday, 24 September 2012

जीवन की गाड़ी ...


जीवन की गाड़ी चलती, पटड़ी की  साँस लिए
कुछ लोग आतें जातें, मुसफिरों के  भेस लिए
कितने स्टेशन पे स्टेशन आते और जाते हैं,
सफर में हम चलतें, मिलन का अहसास लिए
जीवन के गाड़ी चलती, पटड़ी की साँस लिए
कुछ लोग आतें जातें, मुसफिरों का भेस लिए


"तलकाडू" नाम ...

"तलकाडू" नाम, रेत के देश में
पाते हैं लोग एक अलग वेश में
जो अपना अलग छाप छोड़ते हैं,
अब फिरते हैं पारंपरिक भेंस में
"तलकाडू" नाम, रेत के देश में
पाते हैं लोग एक अलग  वेश में



बालक का रूप..



बालक का रूप लगता हैं सच्चा 
कृष्ण रूप में लगता  हैं अच्छा 
चेहरें पे लिए सहज सरल भाव, 
कितना प्यारा लगता हैं बच्चा 
बालक का रूप लगता हैं सच्चा 
कृष्ण रूप में लगता  हैं अच्छा 

Thursday, 20 September 2012

बचपन के गुजरे पल


बचपन गुजर जाता हैं बड़ा बननेकी लिएँ चाहत
बड़ा बनने के बाद, काम से नहीं मिलती राहत
फिरसे याँद  आतें हैं वहीँ बचपन के गुजरे पल
जीते थे बेफिक्र, कैसा होगा वो आने वाला कल
फिरसे  याद आतें हैं वहीँ बचपन के गुजरे पल


ॐ नमो: गणपती


ॐ नमो: गणपती,  लंबोधरा  विनायक
तुमही हो हमारें दुःख दर्द के विनाशक
कृपा रहे अपने सभी भारत वासियों पर,
मिटा दो सब जो बन बैठे हैं खलनायक
ॐ नमो: गणपती,  लंबोधरा  विनायक
तुम ही  हो हमारें दुःख दर्द के विनाशक


Sunday, 19 August 2012

जीवन की कार...


जीवन में मकान बनाता  कोई और हैं
मकान को घर बनाता कोई और हैं
जीवन की कार धो डालता कोई और हैं
जीवन की कार को चलाता कोई और हैं
जीवन की कार बनाता कोई और हैं
जीवन की कार चलाता कोई और हैं

Sunday, 22 July 2012

मोबाइल फोन

हर कोई मोबाइल फोन में व्यस्त हैं
अपनों से अपनी बातों में मस्त हैं
अब उसे नाम नंबर नहीं रखना याद
वो फोन, सभी काम में जबरदस्त हैं
हर कोई मोबाइल फोन में व्यस्त हैं 

Sunday, 1 July 2012

खिलौना देखकर...



खिलौना देखकर चेहरा खिलता हैं
जब एक नया सपना मिलता हैं
यही मुस्कान, चेहरेपर सदा रहे
कुछ भी हो हमेशा यही अदा रहे
हवा के एक झूलें से फूल हिलता हैं
खिलौना देखकर चेहरा खिलता हैं 
जब एक नया सपना मिलता हैं