हे राम तुम फिर आना....
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*हे राम तुम फिर आना, *
*अत्याचार से भरे इस ,*
*सीता को बचाना, *
*जानकी को बचाना। *
*हे राम तुम फिर आना, *
*जो भाई का स्वरुप, *
*विचारों का लक्षमण...
4 years ago
मेरा यह ब्लॉग तस्वीरोंसे भरा होगा, जो तस्वीरें मैंने खींची हैं.....जो बोलेगी
2 comments:
पुल से पता नहीं कितने सपने पूरे होते हैं, और कितने टूतते हैं।
0 तिरुपति बालाजी के दर्शन और यात्रा के रोमांचक अनुभव – १० [श्रीकालाहस्ती शिवजी के दर्शन..] (Hilarious Moment.. इंडिब्लॉगर पर मेरी इस पोस्ट को प्रमोट कीजिये, वोट दीजिये
ओ को वो कहते तो शायद बेहतर होता...मात्र विचार हैं मेरे..बाकी बढ़िया..
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