हे राम तुम फिर आना....
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*हे राम तुम फिर आना, *
*अत्याचार से भरे इस ,*
*सीता को बचाना, *
*जानकी को बचाना। *
*हे राम तुम फिर आना, *
*जो भाई का स्वरुप, *
*विचारों का लक्षमण...
4 years ago
मेरा यह ब्लॉग तस्वीरोंसे भरा होगा, जो तस्वीरें मैंने खींची हैं.....जो बोलेगी
1 comment:
'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।
दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर
ग्राम-चौपाल में आपका स्वागत है
http://www.ashokbajaj.com/2010/11/blog-post_06.html
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